Adhik Maas 2026: आखिर क्या है रहस्य पुरुषोत्तम मास? 17 जून से 15 जुलाई 2026 तक क्यों माना जाएगा सबसे पवित्र समय

सनातन धर्म में कुछ महीने बेहद खास माने जाते हैं। इन्हीं में से एक है अधिक मास, जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। साल 2026 में यह पवित्र महीना 17 जून से 15 जुलाई 2026 तक रहेगा। मान्यता है कि इस दौरान पूजा-पाठ, दान और भगवान विष्णु की भक्ति करने से कई गुना अधिक फल मिलता है।

Adhik Maas 2026

लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर यह अधिक मास क्यों आता है? इसे पुरुषोत्तम मास क्यों कहा जाता है? और this महीने में कौन-कौन से काम करने चाहिए? आइए जानते हैं इस रहस्यमयी और पुण्यदायी महीने की पूरी कहानी।


क्या होता है अधिक मास?

हिंदू पंचांग का विशेष महीना

हिंदू कैलेंडर चंद्रमा की गति पर आधारित होता है, जबकि अंग्रेजी कैलेंडर सूर्य की गति पर चलता है। दोनों के समय में हर साल लगभग 11 दिनों का अंतर आ जाता है।

इसी अंतर को संतुलित करने के लिए लगभग हर 3 साल में एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है। इसे ही अधिक मास कहा जाता है।

क्यों कहा जाता है पुरुषोत्तम मास?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पहले इस महीने को कोई महत्व नहीं मिलता था। तब भगवान विष्णु ने इसे अपना नाम देकर “पुरुषोत्तम मास” बनाया।

इसके बाद से यह महीना भगवान विष्णु को समर्पित माना जाने लगा। मान्यता है कि इस महीने में की गई पूजा और भक्ति का फल कई गुना बढ़ जाता है।


पुरुषोत्तम मास 2026 की तारीख

  • शुरुआत: 17 जून 2026
  • समापन: 15 जुलाई 2026

इस दौरान मंदिरों में विशेष पूजा, कथा और bhajan-कीर्तन का आयोजन होगा।


अधिक मास में क्या करना चाहिए?

भगवान विष्णु की पूजा करें

इस महीने में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है।

धार्मिक कार्यों का महत्व

  • गीता पाठ करें
  • विष्णु सहस्रनाम का जाप करें
  • गरीबों को दान दें
  • व्रत और सत्संग करें
  • तुलसी पूजा करें

अधिक मास में क्या नहीं करना चाहिए?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान कुछ मांगलिक कार्यों से बचना चाहिए।

इन कार्यों को टालें

  • शादी-विवाह
  • गृह प्रवेश
  • मुंडन संस्कार
  • नया व्यापार शुरू करना

हालांकि पूजा-पाठ और आध्यात्मिक कार्य करना अत्यंत शुभ माना जाता है।


अधिक मास का धार्मिक रहस्य

क्यों माना जाता है चमत्कारी समय?

पुराणों में कहा गया है कि इस महीने में किया गया छोटा सा पुण्य भी बड़ा फल देता है।

जो लोग आर्थिक परेशानी, मानसिक तनाव या जीवन की बाधाओं से जूझ रहे हैं, उनके लिए यह महीना विशेष माना जाता है। श्रद्धा से की गई भक्ति व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।


अधिक मास में करें ये खास उपाय

सुख-समृद्धि के लिए आसान उपाय

  • रोज सुबह “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें
  • पीले वस्त्र पहनें
  • केले के पेड़ की पूजा करें
  • जरूरतमंदों को भोजन कराएं
  • शाम को घी का दीपक जलाएं

अधिक मास 2026 क्यों रहेगा खास?

इस बार पुरुषोत्तम मास को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह है। धार्मिक विशेषज्ञों के अनुसार यह समय आत्मशुद्धि, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करने का उत्तम अवसर माना जा रहा है।

सोशल मीडिया पर भी लोग अधिक मास के महत्व को लेकर काफी चर्चा कर रहे हैं। कई मंदिरों में विशेष आयोजन की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।


FAQ

1. अधिक मास कितने साल में आता है?

अधिक मास लगभग हर 3 साल में एक बार आता है।

2. अधिक मास में शादी क्यों नहीं होती?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह महीना भक्ति और साधना के लिए होता है, इसलिए मांगलिक कार्य टाले जाते हैं।

3. पुरुषोत्तम मास किस भगवान को समर्पित है?

यह महीना भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है।

4. अधिक मास में कौन सा मंत्र बोलना चाहिए?

“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप बेहद शुभ माना जाता है।


Conclusion

अधिक मास यानी पुरुषोत्तम मास केवल एक अतिरिक्त महीना नहीं, बल्कि आत्मिक शांति और भक्ति का विशेष अवसर माना जाता है। 17 जून से 15 जुलाई 2026 तक चलने वाला यह पवित्र समय लोगों को धर्म, दान और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ने का काम करेगा।

अगर आप भी जीवन में सुख, शांति और भगवान विष्णु की कृपा चाहते हैं, तो इस पुरुषोत्तम मास में श्रद्धा और विश्वास के साथ पूजा-पाठ जरूर करें।

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