भगवान नाम जप में ओंकार की 19 शक्तियाँ | संत आसाराम बापू के सत्संग से प्रेरक ज्ञान

सनातन धर्म में ॐ (ओंकार) को सभी मंत्रों का राजा कहा गया है। वेदों का मूल गायत्री है और गायत्री का मूल ओंकार माना गया है। शास्त्रों के अनुसार ओंकार केवल एक ध्वनि नहीं, बल्कि स्वयं परमात्मा का प्रतीक है। महर्षि पतंजलि ने भी कहा है— “तस्य वाचकः प्रणवः”, अर्थात परमात्मा का वाचक प्रणव यानी … Read more